Halloween day

सियोल में Halloween को लेकर इतनी चर्चा है ; जानिए क्यों कब और कैसे मनाया जाता है यह त्योहार /There is so much talk about Halloween in Seoul; Know why and how this festival is celebrated

इन दिनो Halloween काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। दूसरे देशों में मनाया जाने वाला हैलोवीन के चर्चे अब इंडिया में भी होने लगे है। और हो भी कियों ना दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में मची भगदड़ में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई कई लोग घायल भी हुए और 50 से अधिक लोगों को कार्डियक अरेस्ट हुआ।

ये सभी लोग इटवोन इलाके में आयोजित हैलोवीन फेस्टिवल (Halloween Festival) में हिस्सा लेने के लिए जमा हुए थे।इसके बाद से ही कई लोगों के मन में Halloween को लेकर कई सवाल मन में पैदा होते है। उन्हीं सारे सवालों के आज हम आपको जबाव देंगे। इस फेस्टिवल को लेकर लोगों में बढ़ती काफी उत्सुकता है। तो आइए जानते हैं आखिर क्या है हैलोवीन फेस्टिवल, लोग क्यों पहनते हैं इस दिन डरावने कपड़े और क्या है इसका कद्दू से कनेक्शन।

Halloween कैसे मनाया जाता है?

हैलोवीन (Halloween) पर लोग एक-दूसरे के घर जाते हैं। उन्हें शुभकामनाएं और मिठाई देते हैं। इस दिन लोग कद्दू से नाक, मुंह और आंखें निकालकर उसकी डरावनी मूर्ति बनाते हैं। उसमें मोमबत्ती रखते हैं। हैलोवीन पार्टियों में लोग डरावने परिधान और मेकअप पहनकर आते हैं।

जानिए Halloween की शुरुआत के बारे में

हैलोवीन की सबसे पहले शुरुआत आयरलैंड और स्‍कॉटलैंड से हुई थी। ईसाई समुदाय के लोगों में Halloween day को लेकर मान्‍यता है कि भूतों का गेटअप रखने से पूर्वजों की आत्‍माओं को शांति मिलती है। अमेरिका, इंग्लैंड और यूरोपियन देशों के कई राज्यों में इसे नए साल की शुरुआत के तौर पर भी मनाया जाता है। ईसाई समुदाय में 31 अक्‍टूबर को सेल्टिक कैंलेंडर का आखिरी दिन माना जाता है। जिसे हैलोवीन फेस्टिवल के रूप में मनाया जाता है।

इन नामों से भी जाना जाता है Halloween

हैलोवीन दिवस को ऑल हेलोस इवनिंग, ऑल Halloween, ऑल होलोस ईव और ऑल सैंट्स ईव भी कहा जाता है। इस फेस्टिवल पर लोग एक-दूसरे के घर जाकर कैंडी गिफ्ट करते हैं और खोखले कद्दू में आंख, नाक और मुंह बनाकर उसके अंदर मोमबत्ती रख देते हैं।

Halloween day पर क्यों पहने जाते हैं डरावने कपड़े?

Halloween day मनाने के लिए लोग डरावने कपड़े और डरावना मास्क-मेकअप लगाते हैं। दरअसल, इसके पीछे किसानों की मान्यता थी कि बुरी आत्माएं खेती के समय धरती पर आकर उनकी फसल को नुकसान पहुंचा सकती हैं। यही वजह थी कि लोग इस फेस्टिवल को मनाने के लिए डरावने कपड़े पहनने लगे। हालांकि, इसे लेकर भी लोगों के पास अलग-अलग कहानियां और मान्यताएं हैं।

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