Sadhguru's lessons can be helpful for you

समस्या नहीं, बल्कि संभावनाओं का द्वार है जीवन! संघर्ष से हारने लगी हैं, तो आपके लिए मददगार हो सकते हैं सद्गुरू के सबक/Life is not a problem, but a door to possibilities! If you have started losing from struggle, then Sadhguru’s lessons can be helpful for you

जीवन, तनाव और Sadhguru की शिक्षाएं

ये अजीब, अप्रत्‍याशित समय है। इससे पहले आपने कभी ऐसे दुखों को सामना नहीं किया होगा। कभी-कभी आप आशंकाओं से घिर जाती होंगी कि जाने कब, क्‍या हो जाए। वहीं कभी-कभी जीवन में दृढ़ बने रहने का संघर्ष आपको थकाता भी होगा। ऐसे में खुद को संभाले रखने के लिए आप Sadhguru की शिक्षाओं को फॉलो कर सकती हैं।

तो, आइये जानते हैं कि Sadhguru जीवन के बारे में क्या सिखाते हैं

  1. यदि आप परिवर्तन का विरोध करते हैं, तो आप जीवन का विरोध करते हैं ()

ऐसा कहा जाता है कि परिवर्तन ही जीवन का नियम है। हमारे जीवन में कुछ भी स्थिर नहीं रहता है जैसे – अचानक से लॉकडाउन में घर में बंद हो जाना, किसी पारिवारिक सदस्य का नौकरी के कारण दूर चले जाना या असमय उसका हमारा साथ छोड़ जाना। जिस दिन आप इसे सृष्टि का नियम समझकर स्वीकार कर लेंगे, उस दिन आप अवसाद से बाहर आ जायेंगे और अतीत को भुलाकर जीवन में आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।

  1. जीवन में सबसे खूबसूरत क्षण, वे होते हैं जब आप अपनी खुशी व्यक्त कर रहे होते हैं, न कि जब आप ख़ुशी खोज रहे हों

जब आपके परिवार में किसी नये शिशु का आगमन होता है तब हर किसी के चेहरे पर एक ख़ुशी होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि उस समय आप ख़ुशी बाँट रहे होते हैं न कि खोज रहे होते हैं। जब तक हम भौंतिक संसाधनों में अपनी ख़ुशी ढूंढते रहेंगे तब तक हमें ख़ुशी नहीं मिल सकती है। इसलिए, कोशिश करें कि जो ईश्वर ने दिया है उसमें संतोष करना सीखें।

  1. जीवन में कुछ भी समस्या नहीं है – सब कुछ एक संभावना है

कभी – कभी आपको ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है जिनके लिए आप तैयार नहीं होते हैं। परन्तु, आप धैर्य रखकर उससे बाहर आने का प्रयत्न करें तो समाधान आपको स्वतः ही मिल जाएगा। फिर आपको लगेगा ये समस्या उतनी भी गंभीर नहीं थी इसलिए, हार न माने और निरंतर प्रयास करते रहें।

  1. आपकी ज्यादातर इच्छाएं वास्तव में आपकी नहीं होती, आप बस उन्हें अपने सामाजिक परिवेश से उठा लेते हैं

जब आप हर समय अपने सुखों की तुलना दूसरों के सुख से करने लगते हैं तभी आप दुखी रहने लगते हैं। पहले ज़माने में जब इतने संसाधन उपलब्ध नहीं थे, तब भी व्यक्ति सुखी रहता था उसे नींद पेड़ के नीचे भी आ जाती थी, और आज आप उसी नींद के लिए क़र्ज़ लेकर अपने आप को सुखी बनाने का प्रयत्न करते हैं।

  1. ध्यान कोई कार्य नहीं, एक गुण है

जब तक आप ध्यान को महज़ एक क्रिया समझेंगे तब तक आप इससे नही जुड़ सकते। जिस दिन आप यह समझ लेंगे कि जिस तरह विनम्रता, दयालुता एक गुण है उसी तरह ध्यान में रहना भी एक गुण है। क्योंकि इससे आपका व्यक्तित्व निखारता है सोचने समझने की दिशा बदल जाती है और आप खुद को और दूसरों को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। इसलिए अवश्य करें!

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